Mahat News
  • Home
  • Opinion

    66 हजार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर  मिलेगा 50% तक सब्सिडी

    Mahat News

    किसान आंदोलन पर किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधि मंडल से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक

    Mahat News

    अतिशीघ्र पकने वाली धान की किस्में

    Mahat News

    The Fable : मनोज बाजपेयी की फिल्म का प्रीमियर 74वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एफ में होगा

    Jyoti Satawan

    छाछ किन-किन फसल में डाल सकते हैं ? 

    Jeetendra Singh

    अगस्त महीने में ये फिल्में रिलीज होने वाली

    Jyoti Satawan
  • Politics

    Mahakaleshwar Temple : उज्जैन के दक्षिणामुखी मृत्युंजय भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह, जानिए महाकाल के बारे में रोचक बातें

    Sachin Chaudhary
    Sachin Chaudhary
    21 Min Read

    ICAR: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का 95 स्‍थापना दिवस समारोह

    Jeetendra Singh
    Jeetendra Singh
    3 Min Read

    Main Atal Hoon Box Office Day 2: दूसरे दिन ‘मैं अटल हूं’ की कमाई में आया सुधार, फिल्म ने किया इतने करोड़ का बिजनेस

    Jyoti Satawan
    Jyoti Satawan
    3 Min Read

    Ayodhya Ram Mandir : गर्भगृह में विराजे राम लला, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पूजा विधि संपन्न 

    Bhupendra Singh Rawat
    Bhupendra Singh Rawat
    2 Min Read
    gaam ghar news

    गाम घर न्यूज: ग्रामीण भारत की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुंचाने वाला डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म

    Mahat News
    Mahat News
    5 Min Read

    Himachal Pradesh : केंद्र हिमाचल प्रदेश में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे – कृषि मंत्री चंद्र कुमार

    Jeetendra Singh
    Jeetendra Singh
    3 Min Read
  • Health

    सैमसंग ने गैलेक्सी उपयोगकर्ताओं के लिए प्रमुख मुफ्त अपग्रेड की घोषणा की

    Sachin Chaudhary
    Sachin Chaudhary
    5 Min Read

    ठंड में अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

    Mahat News
    Mahat News
    4 Min Read

    66 हजार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर  मिलेगा 50% तक सब्सिडी

    Mahat News
    Mahat News
    3 Min Read

    Rashmika Mandanna : रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो बनाने वाला आरोपी को गिरफ्तार किया

    Jyoti Satawan
    Jyoti Satawan
    4 Min Read
    भारत रत्न

    राष्ट्रपति ने विशिष्ट विभूतियों को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया

    Bhupendra Singh Rawat
    Bhupendra Singh Rawat
    2 Min Read

    Khatu Shyam ji mela : खाटू श्याम जी का लक्खी मेला 2024 कब शुरू होगा

    Sachin Chaudhary
    Sachin Chaudhary
    4 Min Read
  • Pages
    • Blog Index
    • Contact US
    • Search Page
    • 404 Page
Notification
  • HomeHome
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Personalize
Mahat NewsMahat News
Font ResizerAa
  • HomeHome
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Search
  • Pages
    • Home
    • Blog Index
    • Contact Us
    • Search Page
    • 404 Page
  • Personalized
    • My Feed
    • My Saves
    • My Interests
    • History
  • Categories
Follow US
कृषि

PMFBY: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के app व website लांच

Mahat News
Last updated: 13 April, 2024 10:48 am
Mahat News
Share
SHARE

डेस्क रिपोर्ट : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (पीएमएफबीवाई) में किसानों को और अधिक सुविधा देते हुए सटीक उपज अनुमान एवं पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आज तीन महत्वपूर्ण पहलों- येस्टेक (प्रौद्योगिकी पर आधारित उपज अनुमान प्रणाली), विंड्स (मौसम सूचना डेटा सूचना प्रणाली) और एआईडीई (मध्यस्थ नामांकन के लिए ऐप aap ) को किसानों के लिए जारी किए । कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ( Narendra Singh Tomar ) तथा केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय के तहत, राज्यांश लंबित होने से किसानों को क्लेम मिलने में होने वाली दिक्कतों से राहत प्रदान करते हुए 8 राज्यों के लगभग 5.60 लाख लाभार्थी किसानों को अपने स्तर पर 258 करोड़ रु. बतौर क्लेम जारी किए। इनमें छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान व आंध्र प्रदेश के किसान शामिल हैं।

Contents
  • नई तकनीक से कृषि क्षेत्र क्रांतिकारी बदलाव
  • नवाचारों से लाभ-

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री  ने कहा कि कृषि का जीवन व देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। कृषि के समक्ष कितनी भी अनुकूलता हो, इसके बाद भी कृषक को प्रकृति पर निर्भर करना पड़ता है और प्रकृति नाराज हो जाएं तो किसान अपने श्रम से इसकी भरपाई नहीं कर पाता है  इसलिए यह जरूरी समझा गया कि प्राकृतिक प्रकोप से होने वाले नुकसान की भरपाई की व्यवस्था होनी चाहिए, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करते व इसे किसान हितैषी बनाते हुए इसके जरिये किसानों के नुकसान की भरपाई की जा रही है। भारत सरकार कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए बजट में कमी नहीं आती है लेकिन कभी राज्य सरकारों के हिस्से का प्रीमियम जमा नहीं होता है तो ऐसे में किसानों को दिक्कत नहीं होने देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय पर जमा कराई जाने वाली अपनी प्रीमियम के पेटे ही किसानों को मुआवजा देने का केंद्र ने फैसला लिया है, फिर भले ही तब तक राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम जमा हो या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने कामकाज संभालते ही गांव-गरीब-किसान तीनों पर फोकस किया और अनेक योजनाओं के माध्यम से प्रयत्न किया गया है कि गांवों के जीवन में बदलाव आएं, गरीबों का जीवन बदलें और किसान समृद्ध हों। इस दिशा में कृषि मंत्रालय के जरिये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं का सृजन किया गया। कृषि क्षेत्र में तकनीक के प्रयोग पर बल दिया गया। अच्छे खाद-बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई। कृषि के बजट को देखें तो 2013 की तुलना में लगभग पांच गुना की वृद्धि की गई। इनका सद्परिणाम भी दिख रहा है। हम खाद्यान्न, बागवानी, दुग्ध उत्पादन में दुनिया में अच्छी अवस्था में हैं। इसमें तकनीक एवं कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

नई तकनीक से कृषि क्षेत्र क्रांतिकारी बदलाव

आज तकनीक का उपयोग करके हर किसान तक हर योजना की पहुंच हो सकती है व आम किसान लाभ ले सकते है इसलिए कृषि मंत्रालय ने बहुतेरे काम करते हुए इंश्योरेंस मॉड्यूल भी बनाएं, राज्य सरकारों को जोड़ा गया व फसल बीमा योजना को और कारगर बनाने की दृष्टि से मैनुअल, पोर्टल व ऐप आज लांच किया गया है। हम सोचते थे कि मौसम की सही सूचना क्यों नहीं आ पाती है, अगर सूचना मिल भी जाएं तो नीचे तक पहुंचाने का साधन नहीं होता था इसलिए कोशिश की गई कि तकनीक का प्रयोग करके इसकी पहुंच गांव-गांव तक बनाई जाएं। हर गांव में रेन वॉच टॉवर हो, विकासखंड स्तर पर वेदर स्टेशन आ सकें ताकि मौसम की जानकारी विभाग व सरकार को मिल सकें। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह जरूरी भी है। इसी तरह यह भी सुनिश्चित हुआ है कि एक व्यक्ति इंश्योरेंस के लिए मोबाइल के माध्यम से गांव-गांव व घर-घर जा सकता है। आज प्रारंभ की गई ये सुविधाएं सिर्फ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। आने वाले कल में भी ऐसे ही नवाचार होते रहे, नई पीढ़ी कृषि क्षेत्र की तरफ आकर्षित हो, कृषि का क्षेत्र रोजगार के अवसरों का बड़ा स्रोत बनें, इस दिशा में और नवाचार करने की जरूरत है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री  रिजिजू ने कहा कि किसानों के जीवन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की इन सुविधाओं से बहुत बड़ा बदलाव आएगा।  हरित क्रांति के बाद, पिछले नौ साल में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है और हम एक लीडिंग नेशन के रूप में उभरे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन के दौर में इन सबकी महत्ता और भी ज्यादा है। भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर हमें साइंटिफिक मैकेनिज्म तैयार करना होगा।

 उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर उनका मंत्रालय जलवायु परिवर्तन से उपजने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए बेहतर कार्य कर सकेगा।  रिजिजू ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, देश में सभी क्षेत्रों में उनके अनुसंधान की शत-प्रतिशत उपयोगिता कैसे हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा, मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्र व पीएमएफबीवाई के सीईओ तथा कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री रितेश चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र के निदेशक डा. सी.एस. मूर्ति तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

नवाचारों से लाभ-

येस्टेक, उन्नत तकनीकी प्रणाली है जो सटीक उपज गणना में राज्यों की मदद करेगी। राज्यों में फसल उपज विवादों व उसके बाद पात्र किसानों को मुआवजा देने में होने वाली देरी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए केंद्र ने इस प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। येस्टेक प्रणाली के अंतर्गत रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिये सटीक फसल अनुमान लगाने, पारदर्शी-सटीक उपज आकलन सुनिश्चित करने पर काम किया जाना है। यह प्रणाली उपज संबंधी विवाद प्रभावी रूप से हल करने व त्वरित दावा भुगतान सुविधा प्रदान करने में सक्षम होगी। विंड्स के माध्यम से किसानों के लिए मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी व आंकड़े उपलब्ध हो पाएंगे। इससे योजना के सभी हितधारकों को लाभ होगा, विशेषतः किसान सूचित निर्णय लेने में सक्षम होंगे। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे से सटीक मौसम संबंधी डेटा प्राप्त करने संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विंड्स पहल अंतर्गत मौसम केंद्रों के सशक्त नेटवर्क की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल द्वारा लक्ष्य ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित करना है। यह रणनीतिक दृष्टिकोण सटीक व समय पर मौसम डेटा तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेगा। लक्ष्य, मौसम की जानकारी की उपलब्धता में अंतर कम करना व जमीनी स्तर पर निर्णयकर्ताओं, किसानों व हितधारकों को सशक्त बनाना है।  

मौसम केंद्रों का यह व्यापक नेटवर्क मौसम के पैटर्न की सटीक निगरानी करने, प्रभावी योजना बनाने, जोखिम मूल्यांकन व मौसम संबंधी चुनौतियों का समय पर जवाब देने में सक्षम बनाएगा। एआईडीई ऐप से किसानों की नामांकन प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे किसान घर बैठे या खेत से भी, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के जरिये पंजीकरण आसानी से पूरा कर सकेंगे। लंबी कतारों, कागजी कार्रवाई खत्म करके, यह निर्णय सभी किसानों के लिए नामांकन को सुलभ बनाता है, जिससे सुनिश्चित होता है कि वे आसानी से बीमा कवरेज प्राप्त कर सकें। उपयोगकर्ता के अनुकूल ऐप कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए अनुरूप कवरेज विकल्प प्रदान करता है। ये पहल किसानों को समर्थन देने व किसानों की आजीविका प्रभावी ढंग से सुरक्षित करने के लिए बीमा नामांकन में क्रांतिकारी बदलाव लाने की सरकार की प्रतिबद्धता रेखांकित करती है। इन सभी पहलों से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनके घर पर फसल बीमा लेने, पॉलिसी विवरण प्राप्त करने की सुविधा मिलें, किसान मोबाइल ऐप से ही फसल नुकसान की सूचना दे सकें, उपज-दावा आंकलन की प्रक्रिया सटीक-पारदर्शी हों व किसान को समय पर क्लेम पेमेंट मिलें।

Tags :

People also ask

मैं अपनी Pmfby लाभार्थी सूची कैसे देख सकता हूँ?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत कब और कहां से हुई?

मुआवजा कैसे चेक करें?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ कब मिलेगा?

फसल बीमा लिस्ट जिलेवार सूची

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम

PMFBY village list

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम फॉर्म

www.pmfby.gov.in registration

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना टोल फ्री नंबर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम Rajasthan

Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Let's Connect

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
Google NewsFollow

Popular Posts

बिहार की माटी में जन्में N Mandal, फिल्मों के लिए गाँव छोड़ दिया

Jyoti Satawan
3 Min Read

अब फड़का कीट नियंत्रण करने के लिए, मिलेगा अनुदान

Jeetendra Singh
4 Min Read

Ram Mandir प्राण प्रतिष्ठा पर शेयर बाजार में रहेगी छुट्टी

Mahat News
3 Min Read
किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधि मंडल से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक

किसान आंदोलन पर किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधि मंडल से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक

Mahat News
2 Min Read

You Might Also Like

कृषि

गेहूं में यूरिया खाद कब देना चाहिए, जानिए

3 Min Read
Dhan ki kheti
कृषि

नए किस्म की धान की खेती किसानों को कर देगी मालामाल

4 Min Read
कृषि

66 हजार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर  मिलेगा 50% तक सब्सिडी

3 Min Read
कृषि

पान की खेती पर सरकार दे रही है सब्सिडी

2 Min Read
Mahat News

Mahat News is Digital News website of News World. The leading hindi language News portal in india. We provide you with the latest breaking news and videos straight from the wolrd.

  • Categories:
  • न्यूज
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • कृषि
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा

Quick Links

  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History

About US

  • About us
  • Privacy Policy
  • Ownership & Funding
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Editorial Team Information
  • Disclaimer
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?