Mahat News
  • Home
  • Opinion

    नेशनल मीन्स कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम चयन परीक्षा 2024 का परिणाम

    Jyoti Satawan

    राजनीतिक पोस्ट पर इंस्टाग्राम की नई सीमाओं को नेविगेट करना

    Sachin Chaudhary

    मध्यप्रदेश की पहाड़ियों और खेत में पलास का अस्तित्व आज भी बरकरार

    Jeetendra Singh

    गाम घर न्यूज: ग्रामीण भारत की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुंचाने वाला डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म

    Mahat News

    विश्व का सबसे बड़ा ग्रीटिंग कार्ड, संजय सीठा के नाम

    Jyoti Satawan

    पहली बार किडनी की नस में सौ प्रतिशत रूकावट का लेजर एक्जाइमर विधि से एसीआई में सफल उपचार

    Kapil Barwal
  • Politics

    LIC Jeevan Dhara 2: एलआईसी ने लॉन्च किया नया प्लान, मिलेगी लाइफटाइम इनकम की गारंटी

    Mahat News
    Mahat News
    3 Min Read
    whatsaap End-To-End Encryption

    क्या Meta भारत में बंद WhatsApp करने जा रहा हैं ?

    Mahat News
    Mahat News
    4 Min Read

    Toyota ने car booking पर घटाया वेटिंग पीरियड, जानिए

    Sachin Chaudhary
    Sachin Chaudhary
    3 Min Read
    संजय सीठा (Sanjay Seetha) Guinness Book of World Records

    विश्व का सबसे बड़ा ग्रीटिंग कार्ड, संजय सीठा के नाम

    Jyoti Satawan
    Jyoti Satawan
    3 Min Read
    gaam ghar news

    गाम घर न्यूज: ग्रामीण भारत की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुंचाने वाला डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म

    Mahat News
    Mahat News
    5 Min Read

    छत्तीसगढ़ की डेयरी से आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल

    Jeetendra Singh
    Jeetendra Singh
    3 Min Read
  • Health

    Singham Again: रोहित शेट्टी ने फिल्म की पर तोड़ी चुप्पी, कहा…

    Jyoti Satawan
    Jyoti Satawan
    5 Min Read

    ‘साइबर सुरक्षा पर सीआईएसओ कार्यशाला’ का आयोजन किया

    Mahat News
    Mahat News
    5 Min Read
    ugc net

    UGC NET 2025 : एनटीए परीक्षा कैलेंडर 2025 जल्द ही होगा जारी

    Mahat News
    Mahat News
    2 Min Read

    पान की खेती पर सरकार दे रही है सब्सिडी

    Jeetendra Singh
    Jeetendra Singh
    2 Min Read

    Himachal Pradesh : केंद्र हिमाचल प्रदेश में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे – कृषि मंत्री चंद्र कुमार

    Jeetendra Singh
    Jeetendra Singh
    3 Min Read

    Mahakaleshwar Temple : उज्जैन के दक्षिणामुखी मृत्युंजय भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह, जानिए महाकाल के बारे में रोचक बातें

    Sachin Chaudhary
    Sachin Chaudhary
    21 Min Read
  • Pages
    • Blog Index
    • Contact US
    • Search Page
    • 404 Page
Notification
  • HomeHome
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Personalize
Mahat NewsMahat News
Font ResizerAa
  • HomeHome
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
Search
  • Pages
    • Home
    • Blog Index
    • Contact Us
    • Search Page
    • 404 Page
  • Personalized
    • My Feed
    • My Saves
    • My Interests
    • History
  • Categories
Follow US
कृषि

PMFBY: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के app व website लांच

Mahat News
Last updated: 13 April, 2024 10:48 am
Mahat News
Share
SHARE

डेस्क रिपोर्ट : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (पीएमएफबीवाई) में किसानों को और अधिक सुविधा देते हुए सटीक उपज अनुमान एवं पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने आज तीन महत्वपूर्ण पहलों- येस्टेक (प्रौद्योगिकी पर आधारित उपज अनुमान प्रणाली), विंड्स (मौसम सूचना डेटा सूचना प्रणाली) और एआईडीई (मध्यस्थ नामांकन के लिए ऐप aap ) को किसानों के लिए जारी किए । कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ( Narendra Singh Tomar ) तथा केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय के तहत, राज्यांश लंबित होने से किसानों को क्लेम मिलने में होने वाली दिक्कतों से राहत प्रदान करते हुए 8 राज्यों के लगभग 5.60 लाख लाभार्थी किसानों को अपने स्तर पर 258 करोड़ रु. बतौर क्लेम जारी किए। इनमें छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान व आंध्र प्रदेश के किसान शामिल हैं।

Contents
  • नई तकनीक से कृषि क्षेत्र क्रांतिकारी बदलाव
  • नवाचारों से लाभ-

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री  ने कहा कि कृषि का जीवन व देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। कृषि के समक्ष कितनी भी अनुकूलता हो, इसके बाद भी कृषक को प्रकृति पर निर्भर करना पड़ता है और प्रकृति नाराज हो जाएं तो किसान अपने श्रम से इसकी भरपाई नहीं कर पाता है  इसलिए यह जरूरी समझा गया कि प्राकृतिक प्रकोप से होने वाले नुकसान की भरपाई की व्यवस्था होनी चाहिए, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करते व इसे किसान हितैषी बनाते हुए इसके जरिये किसानों के नुकसान की भरपाई की जा रही है। भारत सरकार कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए बजट में कमी नहीं आती है लेकिन कभी राज्य सरकारों के हिस्से का प्रीमियम जमा नहीं होता है तो ऐसे में किसानों को दिक्कत नहीं होने देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय पर जमा कराई जाने वाली अपनी प्रीमियम के पेटे ही किसानों को मुआवजा देने का केंद्र ने फैसला लिया है, फिर भले ही तब तक राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम जमा हो या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने कामकाज संभालते ही गांव-गरीब-किसान तीनों पर फोकस किया और अनेक योजनाओं के माध्यम से प्रयत्न किया गया है कि गांवों के जीवन में बदलाव आएं, गरीबों का जीवन बदलें और किसान समृद्ध हों। इस दिशा में कृषि मंत्रालय के जरिये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं का सृजन किया गया। कृषि क्षेत्र में तकनीक के प्रयोग पर बल दिया गया। अच्छे खाद-बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई। कृषि के बजट को देखें तो 2013 की तुलना में लगभग पांच गुना की वृद्धि की गई। इनका सद्परिणाम भी दिख रहा है। हम खाद्यान्न, बागवानी, दुग्ध उत्पादन में दुनिया में अच्छी अवस्था में हैं। इसमें तकनीक एवं कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

नई तकनीक से कृषि क्षेत्र क्रांतिकारी बदलाव

आज तकनीक का उपयोग करके हर किसान तक हर योजना की पहुंच हो सकती है व आम किसान लाभ ले सकते है इसलिए कृषि मंत्रालय ने बहुतेरे काम करते हुए इंश्योरेंस मॉड्यूल भी बनाएं, राज्य सरकारों को जोड़ा गया व फसल बीमा योजना को और कारगर बनाने की दृष्टि से मैनुअल, पोर्टल व ऐप आज लांच किया गया है। हम सोचते थे कि मौसम की सही सूचना क्यों नहीं आ पाती है, अगर सूचना मिल भी जाएं तो नीचे तक पहुंचाने का साधन नहीं होता था इसलिए कोशिश की गई कि तकनीक का प्रयोग करके इसकी पहुंच गांव-गांव तक बनाई जाएं। हर गांव में रेन वॉच टॉवर हो, विकासखंड स्तर पर वेदर स्टेशन आ सकें ताकि मौसम की जानकारी विभाग व सरकार को मिल सकें। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह जरूरी भी है। इसी तरह यह भी सुनिश्चित हुआ है कि एक व्यक्ति इंश्योरेंस के लिए मोबाइल के माध्यम से गांव-गांव व घर-घर जा सकता है। आज प्रारंभ की गई ये सुविधाएं सिर्फ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। आने वाले कल में भी ऐसे ही नवाचार होते रहे, नई पीढ़ी कृषि क्षेत्र की तरफ आकर्षित हो, कृषि का क्षेत्र रोजगार के अवसरों का बड़ा स्रोत बनें, इस दिशा में और नवाचार करने की जरूरत है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री  रिजिजू ने कहा कि किसानों के जीवन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की इन सुविधाओं से बहुत बड़ा बदलाव आएगा।  हरित क्रांति के बाद, पिछले नौ साल में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में अद्भुत काम हुआ है और हम एक लीडिंग नेशन के रूप में उभरे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन के दौर में इन सबकी महत्ता और भी ज्यादा है। भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर हमें साइंटिफिक मैकेनिज्म तैयार करना होगा।

 उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर उनका मंत्रालय जलवायु परिवर्तन से उपजने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए बेहतर कार्य कर सकेगा।  रिजिजू ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, देश में सभी क्षेत्रों में उनके अनुसंधान की शत-प्रतिशत उपयोगिता कैसे हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा, मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्र व पीएमएफबीवाई के सीईओ तथा कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री रितेश चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र के निदेशक डा. सी.एस. मूर्ति तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

नवाचारों से लाभ-

येस्टेक, उन्नत तकनीकी प्रणाली है जो सटीक उपज गणना में राज्यों की मदद करेगी। राज्यों में फसल उपज विवादों व उसके बाद पात्र किसानों को मुआवजा देने में होने वाली देरी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए केंद्र ने इस प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। येस्टेक प्रणाली के अंतर्गत रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिये सटीक फसल अनुमान लगाने, पारदर्शी-सटीक उपज आकलन सुनिश्चित करने पर काम किया जाना है। यह प्रणाली उपज संबंधी विवाद प्रभावी रूप से हल करने व त्वरित दावा भुगतान सुविधा प्रदान करने में सक्षम होगी। विंड्स के माध्यम से किसानों के लिए मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी व आंकड़े उपलब्ध हो पाएंगे। इससे योजना के सभी हितधारकों को लाभ होगा, विशेषतः किसान सूचित निर्णय लेने में सक्षम होंगे। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे से सटीक मौसम संबंधी डेटा प्राप्त करने संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विंड्स पहल अंतर्गत मौसम केंद्रों के सशक्त नेटवर्क की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल द्वारा लक्ष्य ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित करना है। यह रणनीतिक दृष्टिकोण सटीक व समय पर मौसम डेटा तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेगा। लक्ष्य, मौसम की जानकारी की उपलब्धता में अंतर कम करना व जमीनी स्तर पर निर्णयकर्ताओं, किसानों व हितधारकों को सशक्त बनाना है।  

मौसम केंद्रों का यह व्यापक नेटवर्क मौसम के पैटर्न की सटीक निगरानी करने, प्रभावी योजना बनाने, जोखिम मूल्यांकन व मौसम संबंधी चुनौतियों का समय पर जवाब देने में सक्षम बनाएगा। एआईडीई ऐप से किसानों की नामांकन प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे किसान घर बैठे या खेत से भी, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के जरिये पंजीकरण आसानी से पूरा कर सकेंगे। लंबी कतारों, कागजी कार्रवाई खत्म करके, यह निर्णय सभी किसानों के लिए नामांकन को सुलभ बनाता है, जिससे सुनिश्चित होता है कि वे आसानी से बीमा कवरेज प्राप्त कर सकें। उपयोगकर्ता के अनुकूल ऐप कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए अनुरूप कवरेज विकल्प प्रदान करता है। ये पहल किसानों को समर्थन देने व किसानों की आजीविका प्रभावी ढंग से सुरक्षित करने के लिए बीमा नामांकन में क्रांतिकारी बदलाव लाने की सरकार की प्रतिबद्धता रेखांकित करती है। इन सभी पहलों से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनके घर पर फसल बीमा लेने, पॉलिसी विवरण प्राप्त करने की सुविधा मिलें, किसान मोबाइल ऐप से ही फसल नुकसान की सूचना दे सकें, उपज-दावा आंकलन की प्रक्रिया सटीक-पारदर्शी हों व किसान को समय पर क्लेम पेमेंट मिलें।

Tags :

People also ask

मैं अपनी Pmfby लाभार्थी सूची कैसे देख सकता हूँ?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत कब और कहां से हुई?

मुआवजा कैसे चेक करें?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ कब मिलेगा?

फसल बीमा लिस्ट जिलेवार सूची

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम

PMFBY village list

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम फॉर्म

www.pmfby.gov.in registration

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना टोल फ्री नंबर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम Rajasthan

Share This Article
Facebook Copy Link Print

Let's Connect

FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
Google NewsFollow

Popular Posts

66 हजार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर  मिलेगा 50% तक सब्सिडी

Mahat News
3 Min Read
धान dhan ki ropai

अतिशीघ्र पकने वाली धान की किस्में

Mahat News
3 Min Read
Bhool Bhulaiyaa 3 release date in India

Bhool Bhulaiyaa 3 : भूल भुलैया 3 में भूत कौन है?

Mahat News
3 Min Read
rpsc exam

RPSC : ऑफलाइन शुल्क राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा 

Mahat News
3 Min Read

You Might Also Like

कृषि

National Fish Farmers Day : राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस महाबलीपुरम में संपन्न हुआ

4 Min Read
कृषि

पान की खेती पर सरकार दे रही है सब्सिडी

2 Min Read
किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधि मंडल से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक
कृषि

किसान आंदोलन पर किसान स्वराज संगठन के प्रतिनिधि मंडल से केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक

2 Min Read
कृषि

अब फड़का कीट नियंत्रण करने के लिए, मिलेगा अनुदान

4 Min Read
Mahat News

Mahat News is Digital News website of News World. The leading hindi language News portal in india. We provide you with the latest breaking news and videos straight from the wolrd.

  • Categories:
  • न्यूज
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • कृषि
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
  • शिक्षा

Quick Links

  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History

About US

  • About us
  • Privacy Policy
  • Ownership & Funding
  • Fact Checking Policy
  • Ethics Policy
  • Editorial Team Information
  • Disclaimer
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?